Tuesday, October 02, 2012

BE THE CHANGE THAT YOU WANT TO SEE IN THE WORLD

Mahatma Gandhi's monument –
New Belgrade Serbia -
courtesy Wikipedia
The text of speech of Justice Yatindra Singh before the Allahabad High Court employees on the occasion of Gandhi Jayanti on 2nd October, 2012.
The pdf format of the same may be downloaded from here.


नमस्ते, सु प्रभात, आज की सुबह शुभ हो।
महात्मा गांधी का दर्शन था - Be the change that you want to see in the World -  दुनिया में जो बदलाव चाहते हो उस बदलाव का पहले अपनाओ, स्वयं पहले उस रास्ते पर चलो।

हम सब न्यायपालिका का हिस्सा हैं। आज न्यायपालिका में बदलाव की जरूरत है। इसमें सबसे अधक जरूरत है कि  मुकदमें जल्दी समाप्त हों, निपटें। लोगों को, समाज को, समय से न्याय मिल सके।

यदि हम गांधी जी की सीख को ध्यान में रखें, तो जरूरत है कि हम सब अपने स्तर में बदलाव लायें और यह बदलाव है कि हम अपना काम दक्षता से करें, ईमानदारी से करें, मुस्तैदी से करें, फुर्ती से करें। यदि ऐसा हम कर सके तो कोई शक नहीं कि हम न्यायपालिका में बदलाव ला सकेंगे।

आइये इसी जोश से, इसी प्रण से हम काम शुरू करें। आने वाला समय हम सब के लिये, न्यायपालिका के लिये शुभ एवं मंगलमय हो।
जय हिन्द।




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