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आपके सहयोग की अपेक्षा है


(The text of speech of Justice Yatindra Singh in the Chhattisgarh High court employees' association on 5th November, 2012.
A pdf format of the talk can be downloaded from here.)

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मेरे भाईगण, कार्यरत कर्मचारीगण को मेरा नमस्ते, जय जोहार।
आप सब को, आज की शाम शुभ एवं मंगलमय हो।

हम सब न्यायपालिका के सदस्य हैं। आज न्यायपालिका में सबसे अधिक जरूरत है कि मुकदमें जल्दी निपटें और लोगों को, समाज को, समय से न्याय मिल सके। यदि हमारे काम में दक्षता हो, ईमानदारी हो; यदि हम काम मुस्तैदी से, फुर्ती से करें - तब हम न्याय शीघ्रता से दिलवा पायेंगे। आप न केवल इसके लिये सक्षम हैं पर मुझे पूरा विश्वास कि आप ऐसे ही कार्य करेंगे।

छत्तीसगढ़ उच्चन्यायालय नया, न्यायालय है। इसे बहुत कुछ पाना है, बहुत कुछ करना है और यह सब बिना आपकी सहायता के संभव नहीं है। मैं जानता हूं कि इसमें आपका पूरा सहयोग रहेगा।

इस न्यायालय के पास ही हमारी आवासीय कॉलोनी भी बनी है। यह कॉलोनी, आने वाले समय में, बिलासपुर की सबसे सुन्दर जगह होगी, लोग यहां रहने के लिये तरसेंगे। यह जल्द से जल्द हो सके, इसलिये जरूरत है कि यह जगह आबाद हो।

मैंने यहां आते ही। इसका निरीक्षण किया। मुख्य न्यायाधीश के आवास में कुछ कमियां थीं। यह अगले साल के शुरू में हो सके। यदि हो सका तो अपने देश के लिये शुभ दिन, २६ जनवरी को यहां गृह प्रवेश हो सकेगा। 


मैं चाहता हूं आप सब यहां रहने का विकल्प दें ताकि आपके रहने की जगह भी जल्द से जल्द पूरी की जा सके।

यह कॉलोनी अभी तक सूनी है। यहां पर बहुत लोग रहने के लिये नहीं आये। यह शायद इसलिये है कि यहां सुविधाओं का अभाव है। 


हमने यहां आपके लिये सुविधायें जुटाने का प्रयत्न किया है। हम प्रयत्नशील हैं कि आपको यहां कोई तकलीफ न हो:-

  • यहां आपके मनोरंजन के लिये, यहां कल्ब है जिसमें तरणताल है। इसमें आप गर्मी के मौसम में आनन्द ले सकेंगे और नन्हें मुन्ने तैरना सीख सकेंगे; 
  • यहां बिमारी के उपचार के लिये, छः बिस्तरों के अस्पताल की सुविधा है;
  • आपको यहां रोज़मर्रा का समान मिल सके, इसलिये यहां दुकानों की भी सुविधा है;
  • आपके नन्हे मुन्ने, मुन्नियां सुरक्षित स्कूल जा सकें इसके लिये हम प्रयत्नशील हैं कि उनके लिये परिवहन की सुविधा रहे। 
मुझे आशा है कि इस कॉलोनी को आबाद करने में आपका पूरा सहयोग रहेगा।

मोला आसा ही नहीं बरन बिसवास हवय। हमर नयायालय एक पोट्ठ नयायालय बनही, अऊ दूसर मन बर आदरस न्यायालय के रूप म उभर के आहीं।

आगू आय वाले बेरा, हमन सब्बो बर, हमर उच्च नयायालय बर, सुभ अऊ मंगलमय हो।
जय हिन्द।

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